ईश्वर से अपने जाने के बाद की ज़िंदगी को सवारने को कहा तो कुछ यु खा
" मेरा एक काम तू करना
मेरे साथियो का तू साथ देना
हसी में छुपी उनके दुख समेटना
न हो परेशान वो मेरी ये बात तू रखना
मेरा एक काम तू करना
माँ को लाचार न करना
मेरी यादो से उन्हें कंठस्थ तू करना
माँ है वो तू याद रखना
मै भी मरा हु, ईश्वर तू आभास करना
मेरा एक काम तू करना
पिता को ताकत तू देना
भाई के कंधे भी मजबूत तू रखना
चाहने वालो की कमी ना थी
ज़िंदगी भी हमारी शान से थी
सारांश लिखू तो तू बस इतना करना
भगवन सबको खुश रखना "
" मेरा एक काम तू करना
मेरे साथियो का तू साथ देना
हसी में छुपी उनके दुख समेटना
न हो परेशान वो मेरी ये बात तू रखना
मेरा एक काम तू करना
माँ को लाचार न करना
मेरी यादो से उन्हें कंठस्थ तू करना
माँ है वो तू याद रखना
मै भी मरा हु, ईश्वर तू आभास करना
मेरा एक काम तू करना
पिता को ताकत तू देना
भाई के कंधे भी मजबूत तू रखना
चाहने वालो की कमी ना थी
ज़िंदगी भी हमारी शान से थी
सारांश लिखू तो तू बस इतना करना
भगवन सबको खुश रखना "